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किडनी यूरेटर या ब्लैडर की पत्थरी का बिलकुल सरल सा रामबाण घरेलु इलाज.

only ayurved home remedy for stone in kidney bladder or ureter

STONE TREATMENT AT HOME 

किडनी, युरेटर या ब्लैडर में पत्थरी वाले रोगी को कम से कम सात दिन तक ये प्रयोग करना चाहिए. ये प्रयोग अनेक लोगों पर पूर्ण सफल हुआ है, और इसके कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं हैं. इसलिए इस प्रयोग को पत्थरी के रोगी को ज़रूर अजमाना चाहिए. आइये जाने ये सरल सा प्रयोग.

बथुआ (ये एक साग है, जिसकी सब्जी बनायीं जाती है, और ये आसानी से मिल जाता है.)

बथुआ मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है लाल और हरा . जो आसानी से उपलब्ध हो उसी का उपयोग कर लें लाल बथुआ ज्यादा अच्छा है.
बथुआ का जूस किडनी मूत्राशय आदि की पथरी निकालने में बहुत उपयोगी है. किडनी युरेटर और ब्लैडर की कितनी भी बड़ी पथरी हो धैर्य पूर्वक सेवन करते रहने से धीरे धीरे गल कर निकल जाती है.  

अगर आप कोई दवा भी ले रहें हैं तो दवा के साथ साथ ये प्रयोग भी करते रहें. यह प्रयोग ऐसे लोगों के लिए बहुत ही अच्छा है जो धनाभाव, वृद्धावस्था या अन्य किसी कारण से ऑपरेशन नहीं करा सकते या महँगी औषधियां प्रयोग नहीं कर सकते.

इस प्रयोग को करने से गुर्दों की शक्ति भी बढती है. रक्त की वृद्धि होती है. कील मुहासे साफ़ होकर सौन्दर्य बढ़ता है.

आइये जाने इस प्रयोग को करने की विधि.

सबसे पहले बथुए को अच्छे से साफ़ करके सिल पर पीसे और महीन सूती कपडे से निचोड़कर रस निकाल लें. अगर सिल या खरल ना हो तो मशीन से जूस निकाला जा सकता है. इस प्रकार से निकाला हुआ लगभग 200 ml बथुआ के रस में चुटकी भर कालीमिर्च का चूर्ण और जरा सा सेंधानमक मिलाकर एक बार में या दो तीन खुराक बनाकर दिनभर में पियें. और जब भी ये पियें इसके एक घंटे पहले या बाद में कुछ भी ना खाएं ना पियें.

वैसे तो बथुआ की खेती में खाद आदि की आवश्यकता नहीं होती फिर भी प्रयास करें की बथुआ ऐसी जगह से लें जहाँ कृत्रिम खाद और कीटनाशक का प्रयोग न किया गया हो.

इस प्रयोग से किडनी युरेटर और ब्लैडर की कितनी भी बड़ी पथरी हो धैर्य पूर्वक सेवन करते रहने से धीरे धीरे गल कर निकल जाती है. 

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